Electrostatic ( स्थिर
वैद्युतिकी)
:- भौतिक विज्ञान की वह शाखा
जिसमें आवेशों को स्थिरा अवस्था में अध्ययन किया जाता है। वे Electrostatics कहलाता है।
--------------✖ विद्युत
आवेश तथा विद्युत क्षेत्र ✖-------------
(Electric charge and Electric field)
❇ आवेश का इतिहास(History of charge) ❇
👇👇
- घर्षण से विद्युत उत्पन्न होना थेल्स नामक वैज्ञानिक ने 600 ई. पूर्व पहले बतलाया।
- आवेश शब्द का नामकरण William Gilbert ने किया।
- आवेश का बीजगणितीय चिन्ह (+ve,-ve) बेंजामिन फ्रेंकलिन ने बतलाया था।
- इलेक्ट्रॉन पर आवेश तथा द्रव्यमान मिल्लिकन ने बतलाया था।
आवेश(Charge)
आवेश:- किसी पदार्थ का वह गुण है। जिसकी सहायता से किसी बिंदु पर विद्युत क्षेत्र का
चुंबकीय क्षेत्र का अनुभव प्राप्त होता है। आवेश कहलाता है।
या
आवेश एक प्रकार का गुण है। जिसके कारण वस्तु
में वैद्युत या चुंबकीय गुण आ जाता है।
या
आवेश किसी वस्तु का वह गुण है। जिसके कारण अन्य वस्तुओं को आकर्षित या प्रतिकर्षित करने लगता है।
- इसे Q या q से सूचित किया जाता है।
- यह एक अदिश राशि है।
- जिसका मात्रक SI(International System) पद्धति में कूलम्ब (Coulomb) तथा CGS (Centimeter Gram Second) पद्धति में स्टेट कूलम्ब (SC) या एब्सलूट कूलम्ब(AC) होता है।
- इसका मात्रक फैराडे भी होता है। और यह आवेश का सबसे बड़ा मात्रक है।
Faraday=96500C
- आवेश का बीमा [IT] या [AT] होता है।
Q. आवेश का मात्रक है।
(A) ऐम्पियर×सेकंड✅
(B)मीटर×सेकंड
(C)सेकंड×मीटर
(D)इनमें से कोई नहीं
SC = e.s.u (Electro Statics Unit)
AC = e.m.c (Electro Statics Unit)
1AC = 10 Coulomb = 3×109SC
∵ 10 Coulomb = 3×109SC
∴ 1 Coulomb = 3×101010 =
1 Coulomb = 3×109SC |
Q. एक इलेक्ट्रॉन पर आवेश की मात्रा होता SC
है?
(A)1.6×10-19SC
(B)4.8×10-19SC
(C)4.8×10-10SC✅
(D)3.2×10-10SC
Solution:-👇👇
1 Electron = 1.6×10-19C
= 1.6×10-19 × 1 Coulomb
= 1.6×10-19×3×109
= 4.8×10-10SC Ans
Q. एक इलेक्ट्रॉन पर आवेश की मात्रा होता AC है?
(A)1.6×10-18AC
(B)1.6×10-20AC✅
(C)1.6×10-19AC
(D)1.6×10-21AC
Solution:-👇👇
1 Electron = 1.6×10-19
= 1.6×10-20AC × 10-1
= 1.6×10-20AC Ans
Q. निम्न में बढ़ते क्रम में
है:-
(A)SC<C<AC✅
(B)AC<C<SC
(C)SC<C=AC
(D)AC>C>SC
❇आवेश दो प्रकार
का होता है।❇
·
धन आवेश(Positive
Charge):- जब किसी वस्तु से इलेक्ट्रॉन निकाला जाए
अर्थात वस्तु इलेक्ट्रॉन का त्याग करता है। तो धन आवेशित हो जाता है।
·
ऋण आवेश(Negative
Charge):- जब
किसी वस्तु को इलेक्ट्रॉन दिया जाए अर्थात वस्तु इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है।
तो वह ऋण आवेशित
हो जाता है।
Q.
किसी वस्तु को धन
आवेशित करने पर उसका द्रव्यमान:-
(A)
थोड़ा घटेगा
(B)
अपरिवर्तित हो
रहेगा
(C)
थोड़ा बढ़ेगा
(D)
कुछ-कुछ जा सकता
Q.
किसी वस्तु को आवेशित करने पर उसका द्रव्यमान:-
(A)
घटेगा
(B)
बढ़ेगा
(C)
घट भी सकता या बढ़
भी सकता है।
(D)
इनमें से कोई नहीं
🔺दो धन आवेश या दो
ऋण आवेश है। तो एक दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं। यानी कि समान प्राकृतिक वाले
आवेश प्रतिकर्षण करेंगे। और अगर एक धन आवेश है और एक ऋण आवेश है। तो आकर्षित
करेंगे यानी कि विपरीत प्राकृतिक वाले आवेश आकर्षण करेंगे।
🔺अगर कोई वस्तु में
इलेक्ट्रॉन (e-) और प्रोटोन (P+)की संख्या बराबर है। तो उसे उदासीन कहते हैं।
e- = P+
उदासीन (ना
ही धन आवेश और ना ही ऋण आवेश होता है|)
🔺 Electron का मान कितना होता है?
e;=;1.6×10-19C
❇आवेश का क्वांटमीकरण(quantization of Charge) ❇
:- किसी
आवेशित वस्तु पर आवेश की मात्रा हमेशा पूर्ण गुणज के रूप में पाई जाती है।
अर्थात
आवेश (q) = ±ne |
जहां n = 0,1,2,3
∴ q = ±1e , ±2e , ±3e
अतः आवेश को अनिश्चित रूप में छोड़ने जाता है। आवेश के इस
गुण को क्वांटमीकरण कहते हैं।
Q. किसी
वस्तु से 1000e- जाते तो उस वस्तु पर आवेश की मात्रा और आवेश की प्रकृति बताऐं?
Ans:-
q = 1000
Q = ?
Q = ne
= 1000×1.6×10-19
= 103×1.6×10-19
= 1.6×10-16
प्रकृति = धन आवेश
Q. किसी
वस्तु 500e- दिया गया है तो उस वस्तु पर आवेश की मात्रा एवं आवेश की प्रकृति बताऐ?
Ans:-
n = 500 , e = -1.6×10-19C
Q = ?
Q = ne
= 500×1.6×10-19
= 5×102×1.6×10-19
= 1.6×10-16
प्रकृति = ऋण आवेश
Q. किसी वस्तु से 109e- निकालने पर उस पर आवेश का मान एवं प्रकृति क्या
होगा?
Ans:-
Q = ne
q = 109×1.6×10-19
q = 1.6×10-10C
प्रकृति = धन आवेश
Q. किसी वस्तु पर आवेश संभव है:-
(A)4.8×10-21C
(B)3.2×10-20C
(C)6.4×10-18C✅
(D) इनमें
से कोई नहीं
Q. किसी
वस्तु पर आवेश की न्यूनतम मात्रा संभव है:-
(A) 1e✅
(B)
1.5C
(C)
1C
(D) 1AC
Q.किसी वस्तु से कितने इलेक्ट्रॉन निकाले गए होंगे कि उस पर 1C का धन आवेश आ जाए?
(A)1.6×10-19
(B)6.25×10-19
(C)6.25×1018✅
(D)6.25×10-18
आवेश संरक्षण का सिद्धांत
(Principal of Conservation of Charge)
आवेश के गुण
(Properties of Charge)
- आवेश अदिश राशि हैं । सजातीय आवेशों के बीच विकर्षण ( repulsion ) की क्रिया होती है तथा विजातीय आवेशों के बीच आकर्षण ( Attraction ) की क्रिया होती है।
- आवेश क्वांटमीकृत होता है।
- आवेश संरक्षण के सिद्धांत के नियम का पालन करता है।
- ऐसा संभव हैं कि किसी body के पास द्रव्यमान हो पर आवेश न हों लेकिन ऐसा संभव नहीं है कि किसी body के पास आवेश हो पर द्रव्यमान न हों।
- आवेश का परिमाण वस्तु के वेग पर निर्भर नहीं करता है।
आवेश द्रव्यमान में अंतर स्पष्ट करें:-
आवेश |
द्रव्यमान |
|
|
आवेशन की विधियाँ ( Methods of Charging ) :-
धन- आवेश |
ऋण आवेश |
काँच के छड़ |
रेशम का कपड़ा |
फर या ऊन |
एबोनाइट या रबड़ |
सुखे बाल |
कंघी |
ऊन |
प्लास्टिक |
विद्युत बल ( Electric force ) :-
- दो सजातीय या विजातीय आवेशों के बीच लगने वाले बल को “ विद्युत बल " कहलाता है।
- विद्युत बल एक संरक्षी बल है।
- विद्युत बल गुरुत्वाकर्षण बल एवं चुम्बकीय बल से अधिक शक्तिशाली है।
- विद्युत बल एक केन्द्रिय बल का उदाहरण है।
कुलंब के सीमायें को लिखें :-
- कुलंब का नियम Point charge के लिए valid है।
- यह नियम charge at rest या slow moving charge के लिए valid है ।
- यह नियम बड़ी दुरीयों से लेकर छोटी दूरीयों के लिए लागू होता है ।
स्थिर वैद्युत के लिए कुलंब का नियम
![]() |
Digram |
- Air and vaccume के लिए εr=1
- Metal के लिए εr=∝
- Water के लिए εr=81
- अन्य पदार्थ के लिए εr का मान 1 तथा ∝ के बीच होता है।
स्थिर वैद्युत के लिए कुलंब के नियम को सदिश के रूप में लिखें:-
एकांक आवेश (Unit Charge)
विद्युत क्षेत्र (Electric field)
परीक्षण आवेश (Test charge)
विद्युत क्षेत्र की तीव्रता (Intensity of Electric field)
विद्युत बल रेखाएँ क्या है?
विद्युत बल रेखायें के विशेषताएँ
परावैधुत शक्ति
आपेक्षिक परावैद्युतांक
क्वार्क क्या है ?
- UP क्वार्क (U)
- down क्वार्क (d)